Wednesday, June 16, 2010

सिंदूर करता है मंगल को प्रसन्न


-डॉ. अशोक प्रियरंजन
भारतीय हिंदू समाज में ग्रहों की शांति केअनेक उपायों को जीवन शैली में शामिल कर लिया गया है। उन्हीं में से एक है, महिलाओं का सिंदूर लगाना। सभी हिंदू विवाहित महिलाएं सिंदूर लगाती हैं, लेकिन बहुत कम महिलाओं को इसकेलगाने की सही वजह मालूम होगी। अधिकतर महिलाएं इसे सुहाग चिह्नï के रूप में अनिवार्य मानती हैं। सिंदूर ही नहीं शुभ अवसरों पर लाल रंग की साड़ी या चुनरी, महावर आदि का प्रयोग भी किया जाता रहा है। आज भी महिलाएं इन परंपराओं का पालन कर रही हैं, लेकिन लाल रंग से सजने-संवरने के कारणों का उन्हें ज्ञान नहीं है। दरअसल, महिलाओं में रक्त के क्षरण की समस्या ज्यादा होती हैं। मासिक धर्म के चलते कई बार महिलाएं रक्त अल्पता और हीमोग्लोबिन की कमी का शिकार हो जाती हैं। रक्त का कारक मंगल ग्रह है। मंगल ग्रह की कृपा से रक्त विकारों का निवारण संभव है। मंगल का प्रिय रंग लाल है। इसीलिए प्राचीन काल से महिलाओं को लाल रंग केवस्त्र और श्रंृगार में लाल रंग का अधिकाधिक प्रयोग करने पर जोर दिया गया है। लाल रंग का सिंदूर भी मंगल को प्रसन्न करता है। मंगल की कृपा हो जाए तो महिलाएं रक्त विकारों से बची रह सकती हैं। ( फोटो गूगल सर्च से साभार )

5 comments:

आभा said...

अच्छी बात है सर जी ,मैनेतो सिन्दूर लगाना लगभग छोड़ ही दिया था अब मंगल को प्रसन्न रखती हूँ फिर से .....

आचार्य जी said...

बहुत सुन्दर।

'अदा' said...

aaj se hi mangal ji ko khush karti hun...
dhnywaad..

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...
This comment has been removed by the author.
Tarkeshwar Giri said...

Ek Sundar alekh likha hai apne, Dharm se alag hat kar ke logo ko sochna chahiye.

Hiduwo ke har karm kand main kanhi na kanhi kuch vaigyanik tadya chupa hai.