Friday, May 28, 2010

साहसी होते हैं मूलांक एक के जातक

डॉ. अशोक प्रियरंजन
अंकशास्त्र के अनुसार किसी भी माह के ०१, १०, १९ अथवा २८ तारीख को जन्म लेने वाले जातक का मूलांक एक होता है। एक अंक सूर्य राशि का है। सूर्य सभी ग्रहों का राजा है। इसी के चलते इस दिन जन्म लेने वाले जातक राजसी प्रवृत्ति के होते हैं और उन्हें अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं होता। वह चाहते हैं कि सारे फैसले स्वयं करें। मूलांक एक वाले जातक महत्वाकांक्षी, साहसी और जिज्ञासु होते हैं और इनकी मानसिक शक्ति बड़ी प्रबल होती है। सूर्य पूर्व दिशा का स्वामी है। इसी कारण पूर्व दिशा सदैव मूलांक एक वालों के लिए सबसे भाग्यशाली होती है। पूर्व दिशा में स्थित मकान, बैठक आदि अन्य की अपेक्षा अधिक सुखदायक सिद्ध होते हैं।
मूलांक १ साकार ब्रह्म का प्रतीक है और अनेक रहस्यों को अपने अंदर आत्मसात किए हुए है। इस रहस्यवादी प्रवृत्ति की छाया जातक के जीवन पर भी रहती है। इसी के कारण मूलांक एक वालों को समझ पाना बड़ा मुश्किल होता है। इस दिन जन्म लेने वाले आत्मविश्वास से लबरेज होते हंै। इसी के कारण वे सहज ही समाज में लोकप्रियता हासिल कर लेते हैं। इनके अंदर व्यापक जनसमूह को अपने आत्मविश्वास से प्रभावित करने की क्षमता होती है।
आशावादी प्रवृत्ति की होने केकारण जीवन के प्रति इनका दृष्टिकोण बड़ा सकारात्मक होता है। इसी के चलते विषम परिस्थितियों का भी ये बड़ी सहजता से सामना करने में समर्थ हैं। जीवन को जीने की उत्कट ललक इनके अंंदर विद्यमान होती है।
सूर्य का प्रभाव यश प्रदान करने में भी सहायक होता है। सूर्य सभी ग्रहों पर भारी रहता है। उसके तेज के आगे अन्य ग्रहों का प्रभाव क्षीण हो जाता है। सूर्य के इसी गुण के चलते मूलांक एक वाले अपने विरोधियों पर हमेशा भारी रहते हैं। परिवार में भी इनकी भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण होती है। सूर्य सभी ग्रहों में प्रमुख है। इस नाते मूलांक एक का जातक अपनी मेहनत और लगन से समाज में नेतृत्व करने वाला पद प्राप्त कर सकता है। यह प्रशासनिक अधिकारी भी बन सकते हैं। यह स्वभाव में गंभीरता और स्थिरता भी लाता है।
दूसरी ओर, सूर्य क्रोधी और पाप ग्रह है। यह छोटी-छोटी बात पर स्वभाव में तुरंत उग्रता उत्पन्न कर देता है। अत: क्रोध मूलांक एक जातक के स्वभाव में रहता है। यह जिद्दी और अहंकारी भी होते हैं। अशुभ स्थिति में सूर्य स्वभाव को कठोर बना देता है अर्थात ऐसी स्थिति में कोई कितना ही प्रिय क्यों न हो उसके प्रति भी मन में दया का भाव खत्म हो जाता है। मूलांक एक के जातकों को अधिक सर्दी और अधिक गर्मी सदैव परेशान करती है। सूर्य मंदा होने पर शारीरिक दुर्बलता, नेत्र संबंधी विकार, मानसिक अशांति, हृदय रोग दे सकता है। इसके साथ ही उदर रोग भी कभी परेशान कर सकते हैं।
जीवन में कष्ट होने पर मूलांक एक के जातकों को प्रात:काल में सूर्यदेव के दर्शन करने चाहिए, जल चढ़ाना चाहिए। ऊं घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जाप लाभदायक होता है। गायत्री मंत्र का जाप भी शुभ प्रभाव देता है। रविवार का व्रत भी रखा जा सकता है।
(फोटो गूगल सर्च से साभार)

4 comments:

E-Guru Rajeev said...

वाह अति उत्तम. अति शीघ्र अंक आठ पर आइये.

E-Guru Rajeev said...

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !


"टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

" बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
जनोक्ति.कॉम www.janokti.com एक ऐसा हिंदी वेब पोर्टल है जो राज और समाज से जुडे विषयों पर जनपक्ष को पाठकों के सामने लाता है . हमारा प्रयास रोजाना 400 नये लोगों तक पहुँच रहा है . रोजाना नये-पुराने पाठकों की संख्या डेढ़ से दो हजार के बीच रहती है . 10 हजार के आस-पास पन्ने पढ़े जाते हैं . आप भी अपने कलम को अपना हथियार बनाइए और शामिल हो जाइए जनोक्ति परिवार में !

अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें